हरियाणा में प्राइवेट बैंकों के द्वारा सरकारी विभागों के फंड में करोड़ रूपये का बड़ा घोटाला हुआ है। आईडीएफडी (IDFC) बैंक के द्वारा 560 करोड़ रूपये का घोटाला सामने आया है। अब इस फर्जीवाड़े की जांच अब सीबीआई (CBI) करेगी। यह बड़ा घोटाला सरकारी धन के दुरूपयोग और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा हुआ है। विभिन्न खातों और योजनाओं के जरिए करोड़ों रूपये का संदिग्ध लेन-देन किया गया।
एक दर्जन से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी
इस घोटाले में बैंक अधिकारियों के साथ-साथ कुछ अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। हरियाणा सरकार के द्वारा पहले इस मामले की जांच पंचकूला पुलिस पुलिस को दी गई था। इसके बाद जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को सौंपी गई। एसीबी द्वारा एक दर्जन से अधिक अरोपियो को गिरफ्तार किया जा चुका है।
कोटक महिंद्रा में 160 करोड़ रूपये का घोटाला
जांच के दौरान कोटक महिंद्रा में 160 करोड़ रूपये का घोटाला उजागर हुआ। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा सरकार ने इस मामले को सीबीआई (CBI) को सौंपने का फैसला लिया है। सरकार को पूरा भरोसा है कि सीबीआई जांच से पूरे नेटवर्क, लेन-देन की प्रक्रिया और इसमें शामिल लोगों की पहचान स्पष्ट हो जाएगी।
जानकारी के लिए आपको बता दें कि विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो की जांच में करोड़ों रुपये के घोटाले उजागर होने के बाद कई बैंक खातों को फ्रीज किया गया है। संबंधित शाखाओं में पुलिस कार्रवाई तेज कर दी गई है। सरकार ने कई बैंकों को ब्लैकलिस्ट (डी-एम्पैनल) कर दिया है और उनके जरिए सरकारी लेनदेन पर रोक लगा दी है। विभिन्न विभागों में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद शिक्षा विभाग द्वारा भी सभी जिलों से बैंक खातों के ब्योरा मांगा जा चुका है।
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बैंक रिकार्ड और निगम के रिकार्ड में बहुत बड़ा अंतर पाया गया है। आइडीएफसी बैंक में 560 करोड़ का घोटाला सामने आ चुका है। इस पूरे मामले में फर्जी डेबिट नोट और दस्तावेज इस्तेमाल हुए है। छदम कंपनियों के जरिये पैसा ट्रांसफर किया गया है।
हाईलाइट्स
- हरियाणा में प्राइवेट बैंकों के जरिए करोड़ों का बड़ा घोटाला उजागर
- IDFC बैंक में 560 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला सामने आया
- कोटक महिंद्रा बैंक से जुड़ा 160 करोड़ रुपये का घोटाला भी जांच में आया
- मामले की जांच अब CBI को सौंपी गई, बड़े नेटवर्क के खुलासे की उम्मीद
- पंचकूला पुलिस और ACB पहले कर चुकी हैं जांच, एक दर्जन से ज्यादा आरोपी गिरफ्तार
- फर्जी डेबिट नोट और दस्तावेजों के जरिए किया गया बड़ा फर्जीवाड़ा
- शेल (छद्म) कंपनियों के माध्यम से करोड़ों रुपये का ट्रांजैक्शन
- कई संदिग्ध बैंक खातों को किया गया फ्रीज, पुलिस कार्रवाई तेज
- सरकार ने कुछ बैंकों को ब्लैकलिस्ट कर सरकारी लेनदेन पर लगाई रोक
- विभिन्न विभागों, खासकर शिक्षा विभाग ने मांगा बैंक खातों का पूरा ब्योरा
- बैंक रिकॉर्ड और निगम के रिकॉर्ड में पाया गया बड़ा अंतर
- सरकारी फंड के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं का बड़ा मामला






