हरियाणा के मुख्यमंत्री नायाब सिंह सैनी ने प्रदेश के बुजुर्गों के लिए बड़ी सौगात का ऐलान कर दिया है। चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री सैनी की अगवाई में हुई कैबिनेट बैठक में महिलाओं, युवाओं और अग्निवीरों के साथ-साथ प्रदेश के बुजुर्गों के हितों को भी ध्यान में रखा गया है। शहरी क्षेत्र में रहने वाले बुजुर्गों की लाइफस्टाइल में सुधार लाने के लिए सरकार ने ‘रिटायरमेंट हाउसिंग पॉलिसी’ का स्वरूप बदल दिया है। इस बदलाव के साथ अब रिटायरमेंट कॉलोनियों और ओल्ड एज होम्स मात्र रहने के लिए ही नहीं बल्कि आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे।
तंग कमरों के बजाय मिलेंगे हवादार फ्लैट्स
प्रदेश सरकार ने सबसे बड़ी समस्या कम जगह का समाधान निकाला है। अब विशेष आवासीय परियोजनाओं में फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) को 2.25 से बढ़ाकर सीधा 3.0 कर दिया गया है। तकनीकी भाषा में समझें तो अब डेवलपर्स को उतनी ही जमीन पर ज्यादा निर्माण करने की अनुमति होगी। अब तंग कमरों की जगह बुजुर्गों को रहने के लिए हवादार फ्लैट्स मिलेंगे। यह बदलाव ‘ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स’ (TDR) के माध्यम से लागू किया जाएगा। इससे बिल्डर्स और ग्राहक दोनों को ही फायदा होगा।
बुजुर्गों को मिले घर जैसा माहौल
आम तौर पर बड़ी-बड़ी हाउसिंग स्कीमों में बुनियादी सुविधाओं की कमी रह जाती है, लेकिन नई पॉलिसी में सरकार ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है। अब सरकार ने यह सख्त निर्देश दे दिए गए हैं कि हर प्रोजेक्ट में बिजली, शुद्ध पेयजल और चौड़ी सड़कों का जाल बिछाएं। सरकार का मानना है कि रिटायरमेंट के बाद जो बुजुर्ग अकेले रह रहे हैं या सामुदायिक केंद्रों में रहना चाहते हैं, उन्हें घर जैसा माहौल मिले। इन कॉलोनियों में सुरक्षा मानकों और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को लेकर भी सरकार आने वाले समय में गाइडलाइंस सख्त कर सकती है।
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हाईलाइट्स:
- नायाब सिंह सैनी ने बुजुर्गों के लिए नई सौगात का ऐलान किया
- रिटायरमेंट हाउसिंग पॉलिसी में बड़ा बदलाव, ओल्ड एज होम्स होंगे आधुनिक
- शहरी बुजुर्गों की लाइफस्टाइल सुधारने पर सरकार का फोकस
- FAR 2.25 से बढ़ाकर 3.0, अब ज्यादा स्पेस वाले हवादार फ्लैट्स मिलेंगे
- TDR के जरिए डेवलपर्स को ज्यादा निर्माण की अनुमति
- तंग कमरों की जगह बेहतर और आरामदायक आवास की सुविधा
- हर प्रोजेक्ट में बिजली, पानी और चौड़ी सड़कों की अनिवार्यता
- बुजुर्गों को मिलेगा सुरक्षित और घर जैसा माहौल
- भविष्य में स्वास्थ्य और सुरक्षा मानकों को और सख्त करने की तैयारी






