Punjab is number 1 in the country in school education: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोमवार को कहा कि सरकारी स्कूलों को मजबूत बनाने, शिक्षा ढांचे के आधुनिकीकरण और शिक्षकों के प्रशिक्षण पर लगातार किए गए निवेश के कारण पंजाब आज स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में देश का शीर्ष प्रदर्शन करने वाला राज्य बन गया है। उन्होंने लुधियाना के लोहारा स्थित सरकारी प्राथमिक स्कूल में 5 करोड़ रुपये की लागत से बने वर्धमान ब्लॉक का उद्घाटन किया।
वर्धमान टेक्सटाइल्स ने उठाया पूरे प्रोजेक्ट का खर्च
मुख्यमंत्री ने बताया कि नए ब्लॉक का निर्माण पूरी तरह वर्धमान टेक्सटाइल्स समूह के सहयोग से हुआ है। इस भवन में छात्रों के लिए 18 आधुनिक कक्षाएं, फर्नीचर और शिक्षकों के लिए तीन कमरे बनाए गए हैं। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए वर्धमान समूह का आभार जताया।
‘शिक्षा ही गरीबी खत्म करने का सबसे प्रभावी माध्यम’
भगवंत मान ने कहा कि कोई भी मुफ्त योजना या रियायत गरीबी को स्थायी रूप से समाप्त नहीं कर सकती, लेकिन शिक्षा वह माध्यम है जो लोगों का जीवन स्तर सुधारकर उन्हें गरीबी के चक्र से बाहर निकाल सकती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़ पंजाब बना नंबर-1
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सरकार के चार वर्षों के प्रयासों के चलते पंजाब ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़कर देश में पहला स्थान हासिल किया है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक शिक्षण पद्धति और शिक्षकों के विशेष प्रशिक्षण का सकारात्मक परिणाम अब दिखाई दे रहा है।
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सरकारी स्कूलों के छात्रों ने NEET और JEE में किया शानदार प्रदर्शन
मुख्यमंत्री ने कहा कि लुधियाना जिले के सरकारी स्कूलों में करीब 3 लाख छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। जिले में 16 स्कूल ऑफ एमिनेंस, 11 स्कूल ऑफ ब्रिलियंस और 35 स्कूल ऑफ हैप्पीनेस संचालित हैं। इसके अलावा मिलरगंज और डिवीजन नंबर-3 में दो नए स्कूल ऑफ एमिनेंस भी जल्द शुरू किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों के 146 छात्रों ने NEET, 33 छात्रों ने JEE Main, 9 छात्रों ने JEE Advanced और 47 छात्रों ने पंजाब स्टेट टैलेंट सर्च परीक्षा (PSTSE) में सफलता हासिल की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राज्य सरकार की शिक्षा सुधार नीतियों का प्रत्यक्ष परिणाम है।






