Ashirwad Scheme: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को राहत देते हुए आशीर्वाद योजना (Ashirwad Scheme) के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 28.01 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। इस सहायता से राज्य के 5,492 अनुसूचित जाति (SC) लाभार्थियों को लाभ मिलेगा।
इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब की सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि यह आर्थिक सहायता राज्य के 19 जिलों के पात्र लाभार्थियों को उनकी बेटियों के विवाह के लिए सम्मानपूर्वक आर्थिक सहयोग देने के उद्देश्य से स्वीकृत की गई है।
इन जिलों के लाभार्थियों को मिला फायदा
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि आशीर्वाद पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों के आधार पर बरनाला, बठिंडा, फरीदकोट, फिरोजपुर, फतेहगढ़ साहिब, फाजिल्का, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, लुधियाना, मोगा, श्री मुक्तसर साहिब, पटियाला, पठानकोट, रूपनगर, एसएएस नगर (मोहाली), एसबीएस नगर, संगरूर और मलेरकोटला के लाभार्थियों को इस किस्त का लाभ दिया गया है।
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किस जिले में कितने लाभार्थी?
सरकार के अनुसार, सबसे अधिक 882 लाभार्थी फाजिल्का जिले से हैं। इसके अलावा पटियाला (611), फिरोजपुर (604), लुधियाना (403), मोगा (400), श्री मुक्तसर साहिब (384), होशियारपुर (333), गुरदासपुर (297), बरनाला (288) और एसबीएस नगर (219) के लाभार्थियों को भी सहायता राशि मिली है। वहीं बठिंडा (163), फतेहगढ़ साहिब (160), संगरूर (160), एसएएस नगर (114), जालंधर (114), रूपनगर (104), फरीदकोट (103), मलेरकोटला (95) और पठानकोट (58) लाभार्थियों को भी योजना के तहत आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
योजना के तहत मिलते हैं 51,000 रुपये
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि आशीर्वाद योजना के तहत पात्र परिवारों को बेटी के विवाह के लिए 51,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का:
- पंजाब का स्थायी निवासी होना जरूरी है।
- परिवार गरीबी रेखा (BPL) के तहत होना चाहिए।
- परिवार की वार्षिक आय सभी स्रोतों से 32,790 रुपये से कम होनी चाहिए।
- एक परिवार की अधिकतम दो बेटियां इस योजना का लाभ ले सकती हैं।
DBT के जरिए सीधे खाते में पहुंचती है राशि
मंत्री ने बताया कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सहायता राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है। उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए जनहित और पारदर्शिता पर आधारित कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।






