हरियाणा कैबिनेट के बड़े फैसले: बनेगा अल्पसंख्यक आयोग, पुलिस हिरासत में मौत पर मिलेंगे 7.5 लाख रुपये

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Major decisions by the Haryana Cabinet: हरियाणा सरकार ने मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा राज्य अल्पसंख्यक आयोग विधेयक, 2026 को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही पुलिस हिरासत में कुछ विशेष परिस्थितियों में होने वाली मौत के मामलों में मृतक के परिजनों को 7.5 लाख रुपये मुआवजा देने की नई नीति भी स्वीकृत की गई।

अल्पसंख्यक आयोग का होगा गठन

कैबिनेट के फैसले के अनुसार, हरियाणा में एक वैधानिक राज्य अल्पसंख्यक आयोग बनाया जाएगा। आयोग में एक अध्यक्ष, पांच गैर-सरकारी सदस्य और एक सचिव होंगे। अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा। यह आयोग अल्पसंख्यक समुदायों को मिले संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की निगरानी करेगा। साथ ही सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा, सरकारी सेवाओं में अल्पसंख्यकों की भागीदारी का आकलन और उनके सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक विकास के लिए सुझाव देगा। आयोग को जांच के दौरान सिविल कोर्ट जैसी शक्तियां भी प्राप्त होंगी। वह गवाहों को तलब कर सकेगा, सरकारी रिकॉर्ड मांग सकेगा और शपथ पत्र के आधार पर साक्ष्य स्वीकार कर सकेगा।

पुलिस हिरासत में मौत पर मिलेगा मुआवजा

कैबिनेट ने पुलिस हिरासत में होने वाली मौत के मामलों में मुआवजा देने की नीति को भी मंजूरी दी है। इसके तहत पुलिस हिरासत में झगड़े, पुलिस प्रताड़ना या मारपीट, आत्महत्या या पुलिस अधिकारियों की लापरवाही के कारण किसी व्यक्ति की मौत होने पर उसके कानूनी वारिसों को 7.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। हालांकि, बीमारी से प्राकृतिक मृत्यु, पुलिस हिरासत से भागने के दौरान हुई मौत या प्राकृतिक आपदा के कारण हुई मौत के मामलों में यह मुआवजा नहीं मिलेगा।

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यदि जांच में यह साबित होता है कि मौत पुलिस प्रताड़ना या मारपीट के कारण हुई है, तो सरकार द्वारा दिए गए मुआवजे का कम से कम 50 प्रतिशत दोषी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी के वेतन से वसूला जाएगा। यदि एक से अधिक अधिकारी दोषी पाए जाते हैं, तो पुलिस महानिदेशक (DGP) उनकी जिम्मेदारी तय करेंगे।

रेवाड़ी में खुलेगी कुसुम इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी

कैबिनेट ने हरियाणा निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2006 में संशोधन को भी मंजूरी दी है। इसके तहत रेवाड़ी में कुसुम इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी। सरकार का कहना है कि इससे राज्य में उच्च शिक्षा का विस्तार होगा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत वर्ष 2030 तक सकल नामांकन अनुपात (GER) को 50 प्रतिशत तक पहुंचाने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।

लाल डोरा क्षेत्रों में मिलेंगे कानूनी मालिकाना हक

मंत्रिमंडल ने हरियाणा आबादी देह (स्वामित्व अधिकार) नियम, 2026 को भी मंजूरी दी है। इसके तहत राज्य के लाल डोरा (आबादी देह) क्षेत्रों में संपत्तियों का स्थायी रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा और स्वामित्व संबंधी विवादों का निपटारा किया जाएगा। यह व्यवस्था स्वामित्व योजना (SVAMITVA Scheme) के तहत हुए सर्वेक्षण पर आधारित होगी और इससे लाखों ग्रामीण परिवारों को कानूनी स्वामित्व का प्रमाण मिलेगा।

पटवारियों की ट्रेनिंग अब एक साल

कैबिनेट ने नए भर्ती होने वाले पटवारियों की अनिवार्य ट्रेनिंग अवधि 18 महीने से घटाकर एक वर्ष कर दी है। यह नियम 1 जनवरी 2025 से लागू माना जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान अब अभ्यर्थियों को स्टाइपेंड की जगह 19,900 रुपये प्रारंभिक वेतन मिलेगा। साथ ही प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें फंक्शनल पे-लेवल 5ए का लाभ मिलेगा।

स्वास्थ्य विभाग में बने वरिष्ठ रेडियोलॉजी अधिकारी के पद

स्वास्थ्य विभाग में करियर ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने सीनियर रेडियोलॉजी ऑफिसर के 22 नए पद सृजित करने को मंजूरी दी है। प्रत्येक जिले में एक पद बनाया जाएगा, जिस पर कम से कम पांच वर्ष की सेवा पूरी कर चुके रेडियोलॉजी अधिकारियों को पदोन्नति के माध्यम से नियुक्त किया जाएगा। इसके अलावा रेडियोग्राफर पद का नाम बदलकर रेडियोलॉजी ऑफिसर कर दिया गया है। इन फैसलों के जरिए हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक सुधार, उच्च शिक्षा, ग्रामीण संपत्ति अधिकार, स्वास्थ्य सेवाओं और अल्पसंख्यक कल्याण से जुड़े कई अहम कदम उठाए हैं।

 

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