Pinda Da Haal: पंजाब सरकार ने राज्य में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ‘युद्ध नशियों विरुद्ध’ को और मजबूत बनाने के लिए ‘पिंडां दा हाल’ (Pinda Da Haal) एक्शन प्लान लागू करना शुरू कर दिया है। इस योजना का उद्देश्य गांव स्तर पर लोगों की भागीदारी बढ़ाना और नशा विरोधी अभियान को जमीनी स्तर तक प्रभावी बनाना है।
इस एक्शन प्लान को जून 2026 में मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक ‘पिंडां दा हाल, CM दे नाल’ के दौरान अंतिम रूप दिया गया था। इसके तहत राज्यभर में नियमित निगरानी, जिला और राज्य स्तर पर समीक्षा बैठकें तथा हर गांव के लिए अलग नशा विरोधी रणनीति तैयार की जाएगी।
‘नशा मुक्ति मोर्चा’ निभाएगा अहम भूमिका
सरकार ने बताया कि इस पूरी मुहिम का केंद्र ‘नशा मुक्ति मोर्चा’ है, जिसका गठन 15 अप्रैल 2025 को किया गया था। इसके माध्यम से पांच प्रमुख क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
1,708 ब्लॉक कोऑर्डिनेटर और 1.25 लाख से ज्यादा सदस्य जुड़े
नशा विरोधी अभियान को मजबूत बनाने के लिए प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय समुदाय के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। वर्तमान में पंजाब में 1,708 ब्लॉक कोऑर्डिनेटर और 1.25 लाख से अधिक गांव रक्षा समिति सदस्य लोगों को जागरूक करने, नशा पीड़ितों के इलाज और पुनर्वास में मदद करने तथा नशा तस्करी के खिलाफ सामुदायिक निगरानी बढ़ाने का काम कर रहे हैं।
जिला स्तर पर हो रही समीक्षा बैठकें
सरकार ने इस नेटवर्क को और मजबूत करने के लिए जिला स्तर पर समीक्षा बैठकें शुरू की हैं। इन बैठकों में ब्लॉक कोऑर्डिनेटर, गांव रक्षा समिति के सदस्य और स्थानीय प्रशासन शामिल होकर अभियान की प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं। साथ ही स्थानीय चुनौतियों की पहचान कर उनके समाधान पर भी काम किया जा रहा है।
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इन जिलों में शुरू हुई प्रक्रिया
जिला स्तरीय समीक्षा प्रक्रिया की शुरुआत 6 जुलाई को तरनतारन, अमृतसर (शहरी) और अमृतसर (ग्रामीण) से हुई। इसके बाद गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, जालंधर, कपूरथला, एसबीएस नगर, रूपनगर, एसएएस नगर और पटियाला सहित कई जिलों में बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। सरकार ने 11 से 15 जुलाई तक संगरूर, बरनाला, बठिंडा, मानसा, श्री मुक्तसर साहिब, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मोगा, लुधियाना और फतेहगढ़ साहिब समेत अन्य जिलों में भी समीक्षा बैठकों का कार्यक्रम तय किया है।
लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
सरकार का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि गांवों, युवाओं, शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना भी है। साथ ही परिवारों को नशे के शिकार लोगों के समय पर इलाज के लिए प्रेरित किया जाएगा और लोगों को नशा बेचने वालों के खिलाफ सतर्क रहने के लिए जागरूक किया जाएगा। पंजाब सरकार का लक्ष्य सामुदायिक सहयोग और जनभागीदारी के माध्यम से राज्य को नशामुक्त बनाना है।






