‘खेत बचाओ अभियान’ से किसानों को मिला नया संदेश, मिट्टी की सेहत सुधारने पर जोर

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Khet Bachao Abhiyan: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से चलाए गए ‘खेत बचाओ अभियान’ (Khet Bachao Abhiyan) का समापन हरियाणा के रेवाड़ी जिले में हुआ। एक जून से 30 जून तक चले इस राष्ट्रव्यापी अभियान का उद्देश्य किसानों को उर्वरकों के संतुलित उपयोग, मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और टिकाऊ खेती के प्रति जागरूक करना था। समापन समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य अतिथि रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की।

वैज्ञानिक खेती अपनाने पर दिया जोर

इस अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के महानिदेशक डॉ. मंगीलाल जाट ने कहा कि अभियान का समापन वास्तव में एक नई शुरुआत है। उन्होंने किसानों से अपील की कि अभियान के दौरान साझा की गई वैज्ञानिक तकनीकों और आधुनिक कृषि पद्धतियों को खेतों में अपनाएं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार और आईसीएआर ने फसलों की जरूरत के अनुसार उर्वरकों के वैज्ञानिक उपयोग के लिए जिला-स्तरीय योजनाएं तैयार कर राज्य सरकारों को उपलब्ध कराई हैं। साथ ही किसानों से आवश्यकतानुसार ही उर्वरकों का इस्तेमाल करने और प्राकृतिक संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने का आग्रह किया।

सरकार का दावा, लाखों किसानों तक पहुंचा अभियान

सरकार के अनुसार, 4 जून 2026 तक 9.42 लाख से अधिक किसानों को विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से अभियान से जोड़ा गया। अभियान के तहत देशभर में 17,834 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें करीब 6.9 लाख किसानों ने भाग लिया। 3,698 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए 1,57,438 प्रतिभागियों को संतुलित उर्वरक उपयोग, मिट्टी के स्वास्थ्य और वैज्ञानिक खेती की जानकारी दी गई। 8,850 प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित कर जैविक एवं वैकल्पिक पोषक तत्वों तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन (Integrated Nutrient Management) का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

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प्रचार-प्रसार पर भी जोर

सरकार के मुताबिक अभियान के प्रचार के लिए देशभर में 60,477 स्थानों पर बैनर, पोस्टर और होर्डिंग लगाए गए। इसके अलावा 1,027 रेडियो और सामुदायिक रेडियो कार्यक्रमों तथा 240 टीवी एवं डिजिटल मीडिया कार्यक्रमों के माध्यम से भी किसानों तक संदेश पहुंचाया गया। सोशल मीडिया के जरिए भी अभियान का व्यापक प्रचार किया गया।

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